Sunday, January 24, 2021
What is Data Structure?

What is Data Structure :
Data structure किसी computer system में data को store तथा organize करने का एक type होता है। जिससे कि हम data का easily से use कर सकें।
अर्थात data को इस प्रकार store तथा organize किया जाता है कि उसको बाद में किसी भी समय easily access किया जा सकें।

Data Structure C, C++, Java की तरह कोई programming language नहीं है बल्कि यह algorithms का एक set है जिसका use करके हम programming languages में data को structure करने के लिए करते हैं.

Data structure बहुत सारें computer science algorithms का एक मुख्य भाग है जिसके द्वारा programmers data को अच्छे ढंग से handle कर सकते हैं. यह program या software की performance को better करने में बहुत ही अहम भूमिका निभाता है.

Types of Data Structure :
Data structure दो प्रकार के होते है:-

  1. Primitive Data Structure
  2. Non-primitive Data Structure

1. Primitive Data Structure:- primitive Data Structure वह Data Structure होता है जिसे direct ही machine instructions से operate किया जा सकता है।
अर्थात यह system तथा compiler के द्वारा define होता है।

2. Non-primitive Data Structure:- primitive Data Structure वह Data Structure होता है जिसे direct machine instructions से operate नही किया जा सकता है। ये Data Structure primitive Data Structure से derived होते है।
Non-primitive Data Structure दो type का होता है:-

  1. Linear Data Structure
  2. Non-linear Data Structure

1. Linear data structure:
linear एक ऐसा Data Structure है जिसमें Data items को linear रूप में store तथा organize किया जाता है, जिसमें एक data item दूसरे से एक रेखा के रूप में जुड़ा होता है।
ex:- array, linked list, queue, stack.

2. Non-linear data structure:
Non-linear एक ऐसा Data Structure है, जिसमें data items को sequential तरीके से organize नही किया जाता है।
जिसमें एक data item किसी भी अन्य data items के साथ जुड़ा हुआ हो सकता है।
ex:-tree, graph.

Advantage of Data structure:

  1. इसके द्वारा हम information को Hard disk में store कर सकते हैं. और इस information का use हम बाद में कर सकते हैं.
  2. बहुत बड़े database को हम easily manage कर सकते हैं.
  3. यह algorithms को design करने के लिए बहुत ही important होता है.
  4. इसके द्वारा हम software system पर data का use कर सकते है और उसे process भी कर सकते हैं.
  5. यह data की processing को बहुत ही easy बना देता है.
  6. हम internet का use करके अपने laptop या mobile से data को किसी भी time access कर सकते हैं.
  7. अगर programmer सही data structure का use करे तो वह अपना बहुत सारा time बचा लेता है और इसके साथ साथ storage और processing time को भी save कर पाता है.
  8. वह data structure जो abstract data type (ADT) के द्वारा specify होता है वह abstraction प्रदान करता है. जिससे client data structure के internal working को नहीं देख सकता है, इसलिए इसे working part के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। client केवल interface देख सकता है।
  9. Data structure reusability प्रदान करता है जिसका अर्थ है कि data structure को बहुत सारें clients प्रयोग कर सकते हैं.

Disadvantage of Data Structure:

  1. केवल advance users ही data structure में changes कर सकते हैं.
  2. अगर कभी Data Structure में कोई problem आ गयी तो उसे केवल expert ही solve कर सकता है. Basic users इसे solve नहीं कर सकते.
  3. अगर हमारा Data Structure बहुत बड़ा है तो उसे maintain और create करने में बहुत सारें people की need पड़ती है. जिससे इसका cost बढ़ता है.

Operations of Data Structure:

  1. Searching – किसी element को find करने की process searching कहलाती है. searching को पूरा करने की दो algorithms होती हैं पहला binary search और दूसरा linear search.
  2. Sorting – Data structure को किसी विशेष क्रम में arrange करने की process sorting कहलाती है. sorting को perform करने की बहुत सारीं algorithms है जैसे कि – insertion sort, selection sort, bubble sort, radix sort आदि.
  3. Insertion – किसी location में elements को add करने की process insertion कहलाती है. यदि किसी data structure का size n है तो हम उसमें केवल n-1 elements ही insert कर सकते हैं.
  4. Deletion – किसी element को remove करने की process deletion कहलाती है. हम किसी भी location से data को delete कर सकते है.
  5. Traversing – Traversing का means है कि किसी important work को करने के लिए data structure के प्रत्येक element को traverse करना.
  6. Merging – दो ऎसी list जिनमें same type के data elements हों, को एक साथ जोड़ देना merging कहलाती है. जिससे हमें एक तीसरी list प्राप्त होती है.

Characteristics of Data Structure:

  • यह operations का समूह होता है जिनको data items में perform किया जाता है जैसे:- searching, sorting आदि.
  • यह describe करता है कि data items एक दूसरे से किस type related होते हैं.
  • data structure के operations का execution time जितना possible हो उतना कम होना चाहिए.
  • इसके operations का memory usage जितना possible हो उतना कम होना चाहिए.
  • इसे interface को सही ढंग से implement करना चाहिए.
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