Thursday, May 13, 2021
What is DBMS?

Introduction to DBMS:

DBMS (Data Base Management System) एक Software होता हैं, जिसका use database को create और handle के लिए किया जाता हैं। DBMS अपने users, और programmers को एक systemetic तरीके के साथ data को create, handle और update करने की facilities प्रधान करता हैं।

DBMS के examples – MySQL, Postgre SQL, Microsoft Access, Oracle etc.

Advantage of using DBMS:

Minimize data redundancy:
File based system में प्रत्‍येक application program की अपनी private file होती हैं इस स्थिति में, कई places पर एक ही data की duplicate file बनाई जाती हैं। DBMS में, एक organization के सभी data की एक database file में एकीकृत किया जाता हैं, मतलब कि data database में केवल एक स्‍थान पर enter किया जाता हैं और इसे दोहराया नहीं जाता हैं।

Data sharing:
DBMS में Organization के Authorized User द्वारा data share किया जा सकता हैं। database Administrator data को नियंत्रित करता हैं और data को Access करने के लिए users को access देता हैं। कई users को एक साथ information के समान टुकड़े तक पहुँचने का access दिया जा सकता हैं। Remote User भी समान data share कर सकते हैं।

Data stability:
Data Redundancy को control करके Data stability प्राप्‍त की जाती हैं। मतलब कि database में एक ही type के data को बार-बार इन्‍हें store होने से रोका जाता हैं।

Data integration:
DBMS में database में data tables में store होता हैं। एक database में एक से अधिक tables हो सकते हैं और tables के बीच relation बनाए जा सकते हैं। इससे data को पुन: प्राप्‍त करना और update करना easy हो जाता हैं।

Data security:
DBMS में data को पूरी तरह से Database Administrator द्वारा control किया जाता है और डाटाबेस Administrator ही यह सुनिश्चित करता है कि किस User को कितना Database के कितने हिस्‍से पर Access देना है या नहीं।

Recovery Procedures:
Computer एक machine है इसलिए possible है कि कभी भी computer में कोई Hardware या Software related problems उत्‍पन्‍न हो जाए। ऐसे में यह बहुत important है कि किसी problem computer में किसी type की problem उत्‍पन्‍न होने पर उसमें रखें database को हम Recover कर पाएँ। DBMS में यह काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है।

Data Base System के कुछ possible disadvantages भी हैं:

  1. Cost Of Implementing :- database system को implement करने में cost ज्‍यादा आ सकती है जिसमें कॉफी रूपये खर्च हो सकते हैं।
  2. Effort to transfer data :- मौजूदा system से database में data को transfer करने के लिए कॉफी difficulties का सामना करना पड़ता है और इसमें बहुत अधिक time भी लग सकता है।
  3. Risk of database fail :- अगर database fail हो जाता है भले ही अपेक्षाकृत कम अवधि के लिए तो entire company पर भी असर पड़ेगा और company को कई प्रकार के losses उठाने पड़ेंगे।

Types Of Database Management System

  1.  Network Database :
    इस प्रकार के database में data को record के रूप में दर्शाया जाता है और data के बीच relationship link के रूप में show किया जाता है।network database
  2.  Hierarchical Database :
    इस तरह के database में data को इस के साथ tree structure (parent child) के रूप में व्‍यवस्थित किया जाता है। Nodes link के माध्‍यम से जुड़े हुए हैं।Hierarchical Database3. Relational Database :
    इस data को structural database के रूप में भी जाना जाता है। जिसमें data tables के रूप में stored होता है। जहाँ Columns और Rows में store किया जाता है।

Relational DatabaseMain components of database management :

  1. tables :- यह relational database model के संबंध में है। जहाँ सभी data को tables के रूप में store किया गया है। विभिन्‍न type के operations table पर किये जाते हैं, जैसे :- data collection, filtering, retrieving and editing। Table record row और Column के कटाव से बने सेल से मिलकर बनते हैं। यही cell tables में data को store करने के लिए use की जाती है।
  2. Field :- Table के प्रत्‍येक Column को field कहते हैं यह data के specific part के लिए reserved एक field होता है। जैसे customer number, customer name, street address, city, state, phone number, current address आदि।
  3. record :- Table के Record को पंक्ति Row या Tuple के रूप में भी जाना जाता है और दूसरे शब्‍दों में record एक entry जैसे कि एक व्‍यक्ति, company transition आदि से related सभी fields की data items का संग्रह है।
  4. Queries :- किसी table or database से जरूरत के अनुसार data निकालने की अनुमति दी जाती है, उसे query कहते हैं। किसी query के उत्‍तर में जो record database से निकाला जाता है उसे उस query का dynaset कहते हैं। जैसे कि अगर आप अपने शहर में रहने वाले friends की list निकालना चाहते हैं तो इसे एक query कहेगें।
  5. Forms :- यद्यपि आप tables में data enter और modify कर सकते, लेकिन tables में data का store करना तथा modify करना easy नहीं होता है। इस problem को दूर करने के लिए, forms submit किए जाते हैं। tables की तरह form में data enter करना पसंद करते हैं।
  6. Reports :- simple words में, जब आप database से लाए गये record को कागज पर print करना चाहते हैं तो उसे report कहते हैं।

Characteristics Of DBMS:
DBMS की कुछ विशेषताएँ निम्‍नलिखित हैं :-

  1. DBMS की सबसे बड़ी characteristics यह हैं कि इसमें data redundancy को Control किया जा सकता है।
  2. DBMS में data को Share कर सकते हैं।
  3. DBMS में security का पूरा ख्‍याल रखा जाता है।
  4. DBMS में processing की speed अच्‍छी है।
  5. DBMS की एक और characteristics यह है कि इसमें data Independent होता है।
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